कहीं अब भी किसी छोकरी के कदम हजार नजरों का शिकार बनते हैं
कि लगातार शिकार बनते हुए भी हिम्मत के साथ आगे हुए बढ़ते हैं
तब तलक कि जब तक छोकरी ही शिकार न हो जाती है उस जगह
कमाल है कि गहरे डर के बावजूद छोकरी निडर बढ ती रहती है और
अगर वो छोकरी तमाम शिकार हो भी जाती है तो उसका असर देखो
कहीं दूसरी जगह, कोई दूसरी छोकरी पूरी हिम्मत से कदम बढाती है